विधवा के पुनर्विवाह न करने का शपथ पत्र
विधवा या पारिवारिक पेंशन जारी रखने के लिए अक्सर हर साल माँगा जाता है।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
शपथ पत्र
(पुनर्विवाह न करना)
मैं, बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, शपथपूर्वक निम्नलिखित बयान करती हूँ:-
1.यह कि मेरे पति स्व. श्री जगीर सिंह की मृत्यु दिनांक 19-06-2021 को हो गई थी।
2.यह कि उनकी मृत्यु के बाद मैंने पुनर्विवाह नहीं किया है और मैं उनकी विधवा के रूप में रह रही हूँ।
3.यह कि मुझे पारिवारिक पेंशन (पीपीओ नं. 12345) मिल रही है और मैं वचन देती हूँ कि पुनर्विवाह करने पर संबंधित कार्यालय को तुरंत सूचित करूँगी और उसके बाद मिली कोई भी राशि लौटा दूँगी।
शपथकर्ता
सत्यापन: सत्यापित किया जाता है कि उपरोक्त शपथ पत्र के पैरा 1 से 3 तक की बातें मेरी जानकारी व विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही हैं और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है। आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में सत्यापित किया।
शपथकर्ता
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी)
- पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) या मंज़ूरी पत्र, और उस खाते की पासबुक जिसमें पेंशन आती है
- सालाना प्रमाण पत्र के लिए बैंक या दफ़्तर का अपना फ़ॉर्म, यदि हो
- दो ताज़ा पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, अगर दफ़्तर माँगे
कहाँ जाना है
ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ के बाद उस बैंक शाखा या कोषागार (ट्रेज़री) को दिया जाता है जो पेंशन देता है, या मंज़ूरी पत्र में लिखे दफ़्तर को। कई दफ़्तर इसे हर साल माँगते हैं, अक्सर जीवन प्रमाण पत्र के साथ।
फ़ीस
केवल पेंशन पाने के लिए बना शपथ पत्र प्रायः स्टाम्प शुल्क से मुक्त होता है; तस्दीक़ की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- दोबारा विवाह करें तो पेंशन दफ़्तर को तुरंत बताएँ: शपथ पत्र में उसके बाद मिली रक़म लौटाने का वचन है।
- दोबारा विवाह के बाद पेंशन जारी रहती है या नहीं, यह उस पेंशन के नियमों पर निर्भर है; अंदाज़ा न लगाएँ, पेंशन दफ़्तर से पूछें।
- नाम और मृत्यु की तारीख़ ठीक वैसे ही लिखें जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र और पीपीओ में हैं।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
पंजाब: शपथ पत्र प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर लिखा जाता है (अधिकृत ई-स्टाम्प केंद्र से लें, वहीं मौजूदा शुल्क पूछें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ होता है। कई सरकारी सेवाओं में अब स्व-घोषणा भी मान्य है।
हरियाणा: ई-स्टाम्प पेपर का प्रयोग करें (अधिकृत विक्रेता; मौजूदा शुल्क जाँचें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ करवाएँ।
चंडीगढ़: अधिकृत केंद्र से ई-स्टाम्प पेपर (मौजूदा शुल्क जाँचें); ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़।