मृत जमाकर्ता के बैंक दावे का शपथ पत्र (नामिती नहीं)
नामिती न होने पर मृतक की बैंक राशि का दावा।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
शपथ पत्र
(मृत जमाकर्ता के खाते का दावा)
मैं, बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, शपथपूर्वक निम्नलिखित बयान करती हूँ:-
1.यह कि जगीर सिंह, जिनके अमर सहकारी बैंक, कल्याणपुर में बचत खाता नं. XXXX4521 थे, की मृत्यु दिनांक 19-06-2021 को हो गई और उन खातों में कोई नामिती दर्ज नहीं था।
2.यह कि मृतक के केवल निम्नलिखित क़ानूनी वारिस हैं:
(क)बलवंत कौर (विधवा);
(ख)गुरदेव सिंह (पुत्र);
3.यह कि मेरी जानकारी में मृतक ने कोई वसीयत नहीं की है और कोई उत्तराधिकार प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है।
4.यह कि अन्य वारिसों को यह राशि मुझे दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है और किसी अन्य के दावे की स्थिति में मैं बैंक की क्षतिपूर्ति करूँगी।
शपथकर्ता
सत्यापन: सत्यापित किया जाता है कि उपरोक्त शपथ पत्र के पैरा 1 से 4 तक की बातें मेरी जानकारी व विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही हैं और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है। आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में सत्यापित किया।
शपथकर्ता
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- शपथकर्ता और हर वारिस के पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी)
- मृतक की पासबुक, एफ़डी की रसीदें, चेक बुक या खाते की स्टेटमेंट
- रिश्ते का प्रमाण: परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड या फ़ैमिली आईडी (हरियाणा), या जन्म और विवाह प्रमाण पत्र
- बैंक का दावा फ़ॉर्म और क्षतिपूर्ति बॉन्ड, और बाक़ी वारिसों के आपके हक़ में त्याग (डिस्क्लेमर) पत्र (मृत जमाकर्ता के बैंक दावे का क्षतिपूर्ति बॉन्ड ऐप में है)
- एक या दो ज़मानती, उनके पहचान पत्र सहित, अगर बैंक माँगे
कहाँ जाना है
ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ के बाद दावा फ़ॉर्म के साथ उस शाखा में दाख़िल होता है जहाँ मृतक का खाता था। वारिस प्रायः बैंक के काग़ज़ों पर एक साथ हस्ताक्षर करते हैं, या दावा करने वाले के हक़ में त्याग पत्र देते हैं।
फ़ीस
बैंक मृत्यु दावे के निपटारे की प्रायः कोई फ़ीस नहीं लेते। इस शपथ पत्र और क्षतिपूर्ति बॉन्ड के ई-स्टाम्प पेपर और तस्दीक़ की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है; आज की राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- हर क़ानूनी वारिस का नाम लिखें, माँ और विवाहित बेटियों का भी: किसी वारिस का नाम छूटने से दावा अटक सकता है।
- हर बैंक की तय की हुई सीमा तक बैंक प्रायः इन्हीं काग़ज़ों पर दावा निपटाते हैं; उससे ऊपर, या वारिसों में मतभेद हो तो, वे दीवानी अदालत से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र माँग सकते हैं (उसकी याचिका ऐप में है)।
- अगर मृतक ने वसीयत की थी, तो यह शपथ पत्र काफ़ी नहीं हो सकता; वकील से पूछें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
पंजाब: शपथ पत्र प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर लिखा जाता है (अधिकृत ई-स्टाम्प केंद्र से लें, वहीं मौजूदा शुल्क पूछें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ होता है। कई सरकारी सेवाओं में अब स्व-घोषणा भी मान्य है।
हरियाणा: ई-स्टाम्प पेपर का प्रयोग करें (अधिकृत विक्रेता; मौजूदा शुल्क जाँचें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ करवाएँ।
चंडीगढ़: अधिकृत केंद्र से ई-स्टाम्प पेपर (मौजूदा शुल्क जाँचें); ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़।