विरासत की ज़मीन के इंतक़ाल का शपथ पत्र
ज़मीन मालिक की मृत्यु के बाद माल रिकॉर्ड में वारिस दर्ज करवाना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
शपथ पत्र
(विरासत का इंतक़ाल)
मैं, गुरदेव सिंह पुत्र श्री करनैल सिंह, आयु लगभग 48 वर्ष, निवासी मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, शपथपूर्वक निम्नलिखित बयान करता हूँ:-
1.यह कि गाँव कल्याणपुर, खेवट नं. 45, ख़सरा नं. 12//7 व 12//8, रक़बा 16 कनाल के दर्ज मालिक जगीर सिंह की मृत्यु दिनांक 19-06-2021 को हो गई।
2.यह कि मृतक के निम्नलिखित वारिस हैं, जो इन हिस्सों में ज़मीन के हक़दार हैं:
(क)बलवंत कौर (विधवा): 1/3;
(ख)गुरदेव सिंह (पुत्र): 1/3;
(ग)मनजीत कौर (पुत्री): 1/3;
3.यह कि मेरी जानकारी में मृतक ने ज़मीन बारे कोई वसीयत नहीं की और वारिसों में कोई विवाद नहीं है।
4.यह कि माल रिकॉर्ड में तदनुसार विरासत का इंतक़ाल दर्ज किया जाए।
शपथकर्ता
सत्यापन: सत्यापित किया जाता है कि उपरोक्त शपथ पत्र के पैरा 1 से 4 तक की बातें मेरी जानकारी व विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही हैं और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है। आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में सत्यापित किया।
शपथकर्ता
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- ज़मीन की ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) की नक़ल, फ़र्द केंद्र या पटवारी से
- शपथकर्ता और हर वारिस के पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी)
- रिश्ते का प्रमाण: परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड या फ़ैमिली आईडी (हरियाणा), या जन्म और विवाह प्रमाण पत्र
- जिस वारिस की भी मृत्यु हो चुकी हो, उसका मृत्यु प्रमाण पत्र
- परिवार को जानने वाले गाँव के दो मोतबर व्यक्ति, जैसे नंबरदार या सरपंच, अगर पटवारी माँगे
कहाँ जाना है
ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ के बाद विरासत के इंतक़ाल के आवेदन के साथ गाँव के पटवारी को, या फ़र्द केंद्र पर, दिया जाता है (इंतक़ाल का प्रार्थना पत्र ऐप में है)। पटवारी इंतक़ाल दर्ज करता है, और राजस्व अधिकारी प्रायः गाँव में या तहसील में वारिसों को सुनकर उसे मंज़ूर करता है।
फ़ीस
तहसील इंतक़ाल की अपनी फ़ीस लेती है, और फ़र्द केंद्र जमाबंदी की हर नक़ल की फ़ीस; ई-स्टाम्प पेपर और तस्दीक़ की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि पूछें।
ध्यान दें
- हर वारिस का नाम उस हिस्से के साथ लिखें जो क़ानून देता है: हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत, जो सिखों, जैनों और बौद्धों पर भी लागू है, पुरुष की विधवा, माँ और बेटियाँ उसके बेटों के साथ वारिस होती हैं।
- मृत्यु की सूचना पटवारी को जल्दी दें: भू-राजस्व अधिनियम वारिसों से तीन महीने के भीतर सूचना देने को कहता है।
- इंतक़ाल केवल माल रिकॉर्ड का इंदराज बदलता है; इससे मालिकाना हक़ तय नहीं होता, और विवाद दीवानी अदालत में जाता है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
पंजाब: शपथ पत्र प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर लिखा जाता है (अधिकृत ई-स्टाम्प केंद्र से लें, वहीं मौजूदा शुल्क पूछें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ होता है। कई सरकारी सेवाओं में अब स्व-घोषणा भी मान्य है।
हरियाणा: ई-स्टाम्प पेपर का प्रयोग करें (अधिकृत विक्रेता; मौजूदा शुल्क जाँचें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ करवाएँ।
चंडीगढ़: अधिकृत केंद्र से ई-स्टाम्प पेपर (मौजूदा शुल्क जाँचें); ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़।