नियोक्ता के बिना भविष्य निधि दावे हेतु शपथ पत्र (क्षतिपूर्ति सहित)
नियोक्ता के बंद होने, न मिलने या मना करने पर पीएफ़ का दावा, निधि को क्षतिपूर्ति सहित।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
शपथ पत्र
(भविष्य निधि दावा, क्षतिपूर्ति सहित)
मैं, अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा, शपथपूर्वक निम्नलिखित बयान करता हूँ:-
1.यह कि मैं दिनांक 01-04-2017 से 31-03-2024 तक मैसर्ज़ शांतिपुर टेक्सटाइल्स प्रा. लि., औद्योगिक क्षेत्र, शांतिपुर में कार्यरत था और पीएफ़ खाता नं. HR/SNT/0000000/000/0000001, यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) 100000000000 के अंतर्गत कर्मचारी भविष्य निधि का सदस्य था।
2.यह कि मैंने वह नौकरी छोड़ दी है और उस अवधि की भविष्य निधि की राशि न निकाली है न स्थानांतरित करवाई है; इसका कोई अन्य दावा लंबित नहीं है।
3.यह कि मेरे दावे को नियोक्ता सत्यापित नहीं कर सकता, क्योंकि प्रतिष्ठान बंद हो चुका है।
4.यह कि प्रतिष्ठान 2024 में बंद हो गया और उसके मालिक शांतिपुर छोड़कर चले गए हैं।
5.यह कि मैं उस खाते में जमा अपनी राशि का दावा, जो मेरी पासबुक के अनुसार ₹1,86,500 (एक लाख छियासी हज़ार पाँच सौ रुपये मात्र) है, फ़ॉर्म 19 व फ़ॉर्म 10-सी द्वारा कर रहा हूँ, और यह राशि अमर बैंक, सेक्टर 9 शाखा, शांतिपुर के मेरे बचत खाता नं. XXXX4521 में दी जाए।
6.यह कि उस खाते के लिए निधि के रिकॉर्ड में जिस व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि और सेवा दर्ज है, वह मैं ही हूँ, और मेरे दावे के विवरण सत्य हैं।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- आपका आधार कार्ड और पैन कार्ड (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- आपका पीएफ़ खाता नंबर और यूएएन, पीएफ़ पासबुक या पर्चियों सहित
- नौकरी का प्रमाण: नियुक्ति पत्र, पीएफ़ कटौती दिखाने वाली वेतन पर्चियाँ, या सेवा प्रमाण पत्र
- आपके अपने बैंक खाते का रद्द किया चेक या पासबुक का पन्ना
- नियोक्ता की तस्दीक़ के बिना दावे के लिए पीएफ़ दफ़्तर का दिया दावा फ़ॉर्म
- प्रतिष्ठान के बंद होने या न मिलने का कोई प्रमाण (कोई नोटिस, अख़बार की कतरन, बिना पहुँचे लौटी चिट्ठी)
कहाँ जाना है
ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ के बाद दावे के साथ ईपीएफ़ओ के उस क्षेत्रीय कार्यालय में दाख़िल होता है जहाँ आपका खाता है। दावा फ़ॉर्म पर प्रायः नियोक्ता की जगह किसी ऐसे व्यक्ति की तस्दीक़ भी चाहिए जिसे ईपीएफ़ओ माने, जैसे आपका बैंक मैनेजर या कोई राजपत्रित अधिकारी; दफ़्तर से पूछें।
फ़ीस
ईपीएफ़ओ दावे की कोई फ़ीस नहीं लेता। ई-स्टाम्प पेपर (इस काग़ज़ में क्षतिपूर्ति का वचन भी है) और तस्दीक़ की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है; आज की राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- अगर आपका यूएएन चालू है और आधार, बैंक खाते और पैन से जुड़ा है, तो पहले ऑनलाइन दावा आज़माएँ; उसमें शायद नियोक्ता की तस्दीक़ की ज़रूरत न पड़े।
- ईपीएफ़ओ दावे को प्रतिष्ठान के पुराने रिकॉर्ड से मिला सकता है; आपकी दी तारीख़ें और वेतन उनसे मेल खाने चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
पंजाब: शपथ पत्र प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर लिखा जाता है (अधिकृत ई-स्टाम्प केंद्र से लें, वहीं मौजूदा शुल्क पूछें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ होता है। कई सरकारी सेवाओं में अब स्व-घोषणा भी मान्य है।
हरियाणा: ई-स्टाम्प पेपर का प्रयोग करें (अधिकृत विक्रेता; मौजूदा शुल्क जाँचें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ करवाएँ।
चंडीगढ़: अधिकृत केंद्र से ई-स्टाम्प पेपर (मौजूदा शुल्क जाँचें); ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़।