मृत जमाकर्ता के बैंक दावे हेतु क्षतिपूर्ति बॉन्ड
उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के बिना मृतक का पैसा देने से पहले बैंक वारिस से यह बॉन्ड लेते हैं।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
क्षतिपूर्ति बॉन्ड
सर्वसाधारण को ज्ञात हो कि मैं, बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, यह बॉन्ड अमर सहकारी बैंक लि., मुख्य शाखा, अमरनगर के हक़ में लिखती हूँ।
1.यह कि जगीर सिंह, मेरे पति, जिनके अमर सहकारी बैंक लि., मुख्य शाखा, अमरनगर में बचत खाता नं. 00000012345 और एफ़डी नं. 7788 थे, की मृत्यु दिनांक 04-05-2026 को हुई, और कोई नामांकन लागू नहीं था।
2.यह कि मैंने अमर सहकारी बैंक लि., मुख्य शाखा, अमरनगर से अनुरोध किया है कि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए बिना, अन्य क़ानूनी वारिसों मेरे पुत्र हरजीत सिंह और जसवंत सिंह की लिखित सहमति से, इन खातों की ₹3,12,450 (तीन लाख बारह हज़ार चार सौ पचास रुपये मात्र) की शेष राशि मुझे क़ानूनी वारिस के रूप में दी जाए, और उसने यह स्वीकार किया है।
3.यह कि यदि कोई अन्य व्यक्ति इस राशि पर बेहतर दावा साबित करे, तो मुझे दी गई राशि माँगने पर ब्याज सहित लौटाऊँगी।
4.यह कि मेरे अनुरोध पर कार्य करने के कारण अमर सहकारी बैंक लि., मुख्य शाखा, अमरनगर को होने वाली हर हानि, दावे, माँग, लागत व ख़र्च की मैं पूर्ति करूँगी और ऐसी कोई भी राशि पहली माँग पर बिना आपत्ति चुकाऊँगी।
5.यह कि गुरदेव सिंह, मॉडल टाउन, अमरनगर इस बॉन्ड में ज़मानती के रूप में शामिल है, और मेरे साथ संयुक्त व पृथक रूप से उत्तरदायी है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- क़ानूनी वारिस होने का सबूत: क़ानूनी वारिसों का शपथ पत्र, या क़ानूनी वारिस (जीवित सदस्य) प्रमाण पत्र
- मृतक के खातों की पासबुक, चेक बुक या एफ़डी रसीदें
- हर क़ानूनी वारिस का पहचान पत्र, और बाक़ी वारिसों की लिखित सहमति बैंक के फ़ॉर्म पर
- दो गवाह, और बैंक माँगे तो एक ज़मानती, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
जिस बैंक शाखा में खाते हैं, वहीं बैंक के अपने दावा फ़ॉर्म के साथ, प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर और गवाहों के सामने, हस्ताक्षर होते हैं; कुछ बैंक नोटरी की तस्दीक़ भी माँगते हैं।
फ़ीस
क्षतिपूर्ति बॉन्ड पर स्टाम्प शुल्क राज्य की अनुसूची के अनुसार लगता है और राशि पर निर्भर हो सकता है; ख़रीदने से पहले ई-स्टाम्प केंद्र से पूछें। तस्दीक़ हो तो नोटरी की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है।
ध्यान दें
- बैंक प्रायः उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के बिना दावा केवल उस सीमा तक निपटाते हैं जो हर बैंक तय करता है; उससे ऊपर "उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (धारा 372)" देखें।
- यह बॉन्ड बिना नामिती वाले खातों के लिए है; अगर नामिती दर्ज था, तो बैंक नामिती को भुगतान करता है।
- अगर बाद में कोई और वारिस बेहतर हक़ साबित करे, तो आपको रक़म लौटानी होगी, जैसा बॉन्ड में लिखा है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
क्षतिपूर्ति बॉन्ड और गारंटी पर स्टाम्प शुल्क राज्य और राशि पर निर्भर है; बैंक व बोर्ड प्रायः अपना फ़ॉर्मेट तय करते हैं। छापने से पहले जाँचें।